लखनऊ। बसपा किसी पार्टी की तारीफ कर दे या फिर आलोचना, उसकी खूब चर्चा और परिचर्चा होती है। जिस तरह से आज बहुज न समाज पार्टी पर गैरबसपाई पार्टियां भाजपा की ‘बी टीम’ होने का आरोप लगती हैं, ठीक उसी तरह 41 साल पहले बसपा पर अमेरिकी गुप्तचर संस्था ‘सीआईआई’ का एजेंट होने का आरोप लगता था। उस समय इन अफवाहों को बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम अपनी जनसभाओं में नकारते थे, वहीं अब बसपा सुप्रीमो मायावती कई बार भाजपा के बी टीम होने की बात को नकार चुकी हैं। लेकिन बसपा के खिलाफ गैरबसपाई पार्टियां नरेटिव गढऩे नित नए-नए हथकंडे अपनाती रहती हैं। जिससे बसपा सत्ता की चाभी प्राप्त न कर सके। बसपा सुप्रीमो मायावती ने यह बातें ‘मेरा संघर्षमय जीवन एवं बहुजन मूवमेंट सफरनामा’ के प्रथम भाग में बतौर लेखिका लिखा है।
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आपको बताते चलें कि बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम जी की 19वें परिनिर्वाण दिवस के मौके पर आयोजित बसपा की विशाल रैली में बसपा सुप्रीमो मायावती ने बहुजन स्मारकों के रखरखाव में की गई योगी सरकार की तारीफ और सपा व कांग्रेस की आलोचना प्रिंट, इलेक्ट्रिानिक और सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। गैर बसपाई पार्टियां आरोप लगा रही हैं कि भाजपा और बसपा का अंदूरूनी सांठगांठ का आरोप लगा रही हैं।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक और बीज विकास निगम के पूर्व डा. रामशब्द जैसवारा ने कहा कि बसपा के प्रति विपक्षी पार्टियों का रवैया हमेशा से भेदभाव पूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि 1984 में बसपा के गठन से लेकर 1992 तक कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टियां बसपा पर आरोप लगती थी कि वह अमेरिकी गुप्तचर संस्था की एजेंट है और बसपा को आर्थिक मदद मिलती है। यह आरोप आज तक सही साबित नहीं हुए। इस के प्रत्यक्ष उदाहरण आप बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा ‘मेरा संघर्षमय जीवन एवं बहुजन मूवमेंट सफरनामा’ में यह बातें लिखी हैं। बसपा ने इन बातों का खण्डन किया था।
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नामचीन सामाजिक कार्यकर्ता ताहिरा हसन ने कहा कि अगर बसपा कुछ न भी करे तो भी आरोप लगते हैं कि बसपा भाजपा की बी टीम है। 2012 से 2025 तक बसपा की राजनीतिक सक्रियता काफी कम रही। इसके बावजूद यह आरोप लगते रहे कि बसपा भाजपा को वॉक ओवर दे रही है। आज बसपा सक्रिय हुई है तो विपक्षी पार्टियां कह रही है कि बसपा भाजपा की बी पार्टी है।
उन्होंने कि एक बात साफ है कि बसपा की सरकार के दौरान कानून का राज होता था। कोई भी कानून के साथ खिलवाड़ करके आजाद घूम नहीं सकता था। 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के युवा नेता वरूण गांधी ने अल्पसंख्यकों को लेकर टिप्पणी की थी, तो पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने वरूण गांधी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेजा था। मुस्लिम हितैषी का दावा करने वाली सपा बसपा और भाजपा की अंदूरूनी सांठगांठ का आरोप लगा रही है। लेकिन बताएं कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कितनों को जेल भेजा। मुज्जफर नगर के दंगे में भाजपा और सपा की सांठगांठ के आरोप लगे थे।
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