राष्ट्रीय

Bundelkhand News : बुंदेलखंड की मिट्टी दलहन-तिलहन के अनुकूल, पैदावार बढ़ाने के करें प्रयास:मनोज कुमार

Bundelkhand News : झांसी। उत्तर प्रदेश की वीरांगना नगरी आये कृषि आयुक्त: आज कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने रविवार को कहा कि बुंदेलखंड के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस क्षेत्र की मिट्टी दलहन-तिलहन की खेती के लिए अनुकूल है इसलिए इसकी पैदावार बढ़ाने का प्रयास करना जरूरी है।

यहां दीनदयाल सभागार में , चित्रकूटधाम मंडल एवं कानपुर मंडल की संयुक्त मंडलीय खरीद उत्पादकता गोष्ठी -2022 की अध्यक्षता करते हुएं श्री सिंह ने कहा कि बुन्देलखंड का विकास शासन की उच्च प्राथमिकता है। क्षेत्र के किसानों की आय दोगुनी हो उसके लिये लगातार प्रयास किये जा रहे है।यहां जल्द ही फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जायेंगी। जिलेवार फसल के उत्पादन को छोटी-छोटी प्रोसेसिंग यूनिट के माध्यम से ही किसान की फसल का उचित दाम तभी प्राप्त होगा जब उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर हो। पैकेजिंग, प्रोसेसिंग अच्छी हो तथा बेहतर मार्केटिंग हो। इसके लिये उन्होने एफपीओ को बढ़ावा देने का सुझाव दिया, उन्होंने कहा कि एफपीओ के गठन की जो मंशा है वह अभी पूरी नहीं हुई है। उन्होने कहा कि एफपीओ स्वयं फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिए आगे आएं।

यहाँ पढ़े :‘इमरजेंसी भारत के जीवंत लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है’: PM मोदी

तीन साल बाद यह गोष्ठी हो रही है । इस गोष्ठी का मकसद सुझाव जानना और बीज खाद उर्वरक आदि की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करना है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज किसानों से बहुत ही उपयोगी सुझाव मिले हैं।

उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में कम बारिश होती है। इजराइल में उत्तर प्रदेश से भी कम वर्षा होती है लेकिन वहां कृषि क्षेत्र में अच्छा कार्य होता है। बुंदेलखंड में बारिश के पानी को खेत में बंधी, खेत तालाब कार्य को करते हुए रोकना होगा,इसके साथ ही पानी का सही इस्तेमाल कैसे करें? जिससे किसान कम पानी में अच्छी फसल का उत्पादन कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जीडीपी में पश्चिम उत्तर प्रदेश का 95 प्रतिशत भागीदारी है तो वही बुंदेलखंड की 05 प्रतिशत की भागीदारी है, यदि बुंदेलखंड की दलहन/तिलहन को प्रोसेसिंग कर विक्रय किया जाए तो प्रदेश की जीडीपी में बुंदेलखंड की भी अच्छी भागीदारी हो सकेगी।

उत्तर प्रदेश ने भी इजरायल के साथ बुंदेलखंड में कम पानी में अच्छी फसल कैसे ली जाए उसके लिए एक समझौता किया है, इस समझौते के अंतर्गत जनपद झांसी में गंगावली गांव में एक मॉडल लागू हो रहा है जहां ड्रिप और स्पिंगलर के माध्यम से टमाटर-शिमला मिर्च की खेती की जाएगी किसानों को इससे सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में दलहन/तिलहन का लक्ष्य बढ़ाया गया है। अच्छे उत्पादन का मूल मंत्र है समय से बुवाई यदि सही समय पर बुवाई कर ली जाएगी तो अच्छादन में बढ़ोतरी होगी, उन्होंने जिले की अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए ताकि बढ़े हुए लक्ष्य की पूर्ति की जा सके।

यहाँ पढ़े :NASA : नासा ने ऑस्ट्रेलिया से पहला रॉकेट लॉन्च किया

इस दौरान मंडलायुक्त डॉ़ अजय शंकर पांडेय ने मण्डल में खरीफ की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि मंडल में बीज खाद उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है। विशेष उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशिष्ट उत्पाद संगठन समिति का गठन कर लिया है, स्ट्रॉबेरी,एप्पल बेर,प्याज की खेती को प्रोत्साहित करते हुए क्षेत्र में विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मन की बात में स्ट्रॉबेरी की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने बुंदेलखंड में स्ट्रॉबेरी की खेती को प्रोत्साहित किया।

मंडलायुक्त ने जनपद झांसी में तुलसी की खेती की जानकारी देते हुए बताया की धार्मिक आस्था के कारण किसान इसे अपनाने में संकोच कर रहा था परंतु काउंसलिंग के बाद किसान इस खेती में आगे आए हैं अब लगभग 3000 एकड़ में तुलसी की खेती होने जा रही है। झांसी में मटर और चना की खेती पोर्टेबल स्प्रिंकलर के माध्यम से होती है उन्होंने इस के अनुदान को 50% किए जाने का अनुरोध किया इसके अतिरिक्त उन्होंने सोलर पंप की मरम्मत के लिए मरम्मत केंद्र भी खोले जाने का अनुरोध किया।

गोष्ठी में मंडलायुक्त चित्रकूट धाम मंडल डीके सिंह ने मंडल की खरीफ उत्पादकता की तैयारियों और रणनीति की जानकारी दी। मंडल में दलहन तिलहन क्षेत्र को बढ़ाया जा रहा है सिंचाई की सुविधा नहीं थी लेकिन अब सिंचाई क्षमता में बढ़ोतरी हो रही है उन्होंने खेत तालाब योजना में 75% अनुदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने बुंदेलखंड के लिए सिंचाई प्रबंधन योजना जल संचय विभाग खोले जाने का भी अनुरोध किया।

यहाँ पढ़े :Supreme court of India : एकनाथ शिंदे की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट कल करेगी सुनवाई

गोष्ठी में जिलाधिकारी श्री रविंद्र कुमार ने कहा कि बुंदेलखंड में शुष्क वातावरण है बालू क्षेत्र होने के कारण खजूर की खेती हो रही है। खजूर की खेती में खर्च कम और आमदनी अधिक है। उन्होंने कहा कि आठ लाख रूपये प्रति हेक्टेयर का इसमें खर्च आता है, यदि 50प्रतिशत किसानों को अनुदान दिया जाए तो क्षेत्र में अनेकों किसान खजूर की खेती में आगे आएंगे इसमें आपदा के कारण क्षति शून्य है। उन्होंने जनपद में अनार की खेती की भी संभावनाओं की जानकारी दी उन्होंने कहा कि यदि इसमें अनुदान बढ़ा दिया जाए तो अनार की खेती से भी किसानों को लाभ प्राप्त होगा।

झांसी, चित्रकूट धाम एवं कानपुर मंडल की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्टी -2022 में समस्त जिलाधिकारियों ने अपने जिले की खरीफ की तैयारियां और लक्ष्य को पूर्ण करने की रणनीति की जानकारी दी।

Bundelkhand News


ई-पेपर :http://www.divyasandesh.com

NDS Desk

Share
Published by
NDS Desk

Recent Posts

Free Games to Claim This Month (July 2026): Don’t Miss These Limited-Time Offers

If you're searching for free games to claim this month, you're not alone. Every month,…

20 hours ago

Dhamaal 4 Release: अजय देवगन की ‘धमाल 4’ ने मचाया इंटरनेट पर धमाल!

  कॉमेडी फिल्मों की लोकप्रिय फ्रेंचाइज़ी Dhamaal का चौथा भाग Dhamaal 4 आखिरकार सिनेमाघरों में…

22 hours ago

ICICI Direct : बाजार में तेजी के संकेत, ICICI Direct ने इन सेक्टरों पर जताया भरोसा!

ICICI Direct: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को सकारात्मक रुख के साथ कारोबार की शुरुआत…

23 hours ago

Nissan Tekton Launch in India: 10.49 लाख में लॉन्च हुई नई SUV, जानें कीमत, फीचर्स और इंजन की पूरी जानकारी!

  Nissan Tekton: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में Nissan ने अपनी नई मिड-साइज़ SUV Nissan Tekton…

23 hours ago

IPO GMP Today: जानिए IC Electricals, Kusumgar, SBI Funds Management और Laser Power IPO का पूरा अपडेट!

IPO GMP Today: नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों IPO (Initial Public Offering)…

24 hours ago

एकेटीयू का 24वां दीक्षांत समारोह आज: 62,537 विद्यार्थियों को डिग्री, 83 मेधावियों को 84 पदक

डॉ0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय का 24वां दीक्षांत समारोह 07 जुलाई 2026 दिन मंगलवार…

5 days ago