Dalit Samaj : दलितों और आदिवासियों के अत्याचार पर राजनीति
Dalit Samaj : लखनऊ। जब-जब दलितों और आदिवासियों पर प्रताडऩा और अत्याचार की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई तब-तब मोदी और शिवराज दुखी और भावुक हुए। सार्वजनिक तौर पर उनके पैर धोकर अत्याचार करने वालों को (Dalit Samaj) दलितों-आदिवासियों के घावों पर मरहम लगाने और कार्रवाई कर विपक्ष और सवर्ण जातियों को स त संदेश दिया है।
उल्लेखनीय है कि देश का ऐसा कोई राज्य अछूता नहीं बचा है जहां दलितों और आदिवासियों के प्रति भेदभाव और अत्याचार न हुआ हो। पिछले वर्ष एनसीआरबी रिपोर्ट में (Dalit Samaj) दलितों और आदिवासियों के प्रति अत्याचार में वृद्धि देखी गई थी। 2021 में अपराध से संबंधित आंकड़ों के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वार्षिक रिपोर्ट भारत में अपराध का एक नया संस्करण 29 अगस्त 2022 को जारी किया गया था। एनसीआरबी रिपोर्ट में अपराधों पर वर्षों के आंकड़ों का संकलन है।
रिपोर्ट से पता चला है कि 2021 में अनुसूचित जाति (एससी) के खिलाफ अत्याचार या अपराध में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, उत्तर प्रदेश में एससी के खिलाफ अत्याचार के सबसे अधिक 25.82 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए थे्र इसके बाद राजस्थान में 14.7 प्रतिशत और मध्य प्रदेश में 14.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। 2021 के दौरान 14.1 प्रतिशत। इसके अलावा रिपोर्ट से पता चलता है कि 2021 में अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के खिलाफ अत्याचार में 6.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जिसमें मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 29.8 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए हैं, इसके बाद राजस्थान में 24 प्रतिशत और ओडिशा में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
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ऊना में दलितों पर हुए अत्याचार के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इतने दुखी हुए थे, उन्होंने सवर्णों से कहा था कि दलितों पर अत्याचार न करें, भले ही इसके बदले में उनको पीट लें। इसके साथ ही दलितों और आदिवासियों को स मान देने के लिए पांव पखारे। इसके अलावा दलितों और आदिवासियों को सामाजिक और आर्थिक तौर पर संबल करने के लिए ढ़ेरों योजनाएं चलाई जा रही हैं।
भाजपा के एक कथित नेता द्वारा मध्य प्रदेश में एक आदिवासी के चेहरे पर पेशाब करने का अमानवीय वीडियो वायरल होते ही हंगामा हुआ। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमलावर हुई। डैमेज कंट्रोल के तहत मध्य प्रदेश के सीएम ने मौके की नाजुकता को देखते हुए तुरंत भुक्तभोगी आदिवासी को बुलाकर पांव पखारे और माफी भी मांगी। साथ ही आरोपी के खिलाफ स त कार्रवाई करके बड़ा संदेश दिया।
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आंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधान परिषद के सदस्य डा. लालजी निर्मल का कहना है कि यह बहुत बड़ी त्रासदी है कि अभी भी समाज में दलितों और आदिवासियों के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया व अत्याचार रुक नहीं पा रहे हैं। जबकि हर सरकारों ने अत्याचार रोकने के लिए स त कानून बनाएं हैं। इस सामाजिक बुराई को रोकने के लिए फारवर्ड समाज को आगे आना होगा। जिस तरह से अमेरिका में ब्लैक वर्ग को सामाजिक और आर्थिक तौर पर ईमानदारी से भागेदारी दी है। ठीक उसी तरह से भारत में भी दी जानी चाहिए। तभी यह अत्याचार रुकेंगे। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन सामाजिक बुराईयों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। जहां-जहां दलितों और आदिवासियों पर घटनाएं हुई हैं वहां-वहां की भाजपा सरकारों ने त्वरित पश्चात करते हुए दोषियों के खिलाफ स त कार्रवाई के साथ दलित-आदिवासियों को मान-स मान दिया है। मध्य प्रदेश में हुई एक आदिवासी के साथ अमानवीय घटना पर वहां के मु यमंत्री ने दोषी के लिए स त त्वरित कार्रवाई करने के साथ ही पीडि़त आदिवासी के पांव पखार कर बड़ा संदेश दिया है। इससे दलित और आदिवासी समाज में जबरदस्त संदेश गया है कि भाजपा दलितों और आदिवासियों के साथ है।
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