DHFL CASE
DHFL CASE : यस बैंक-डीएचएफएल केस में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. इस फ्रॉड के से जुड़े दो बिल्डरों की 415 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है.
इसी मामले में एक दिन पहले ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर को जब्त किया था. ईडी ने जिन लोगों पर कार्रवाई की है, उनपर मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी का आरोप है.
डीएचएफएल (DHFL CASE) फ्रॉड केस को देश का सबसे बड़ा बैंक फ्रॉड कहा जाता है. जिन दो बिल्डरों की संपत्ति जब्त की गई है, उनमें संजय छाबड़िया और अविनाश भोसले का नाम है. दोनों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है. यस बैंक-डीएचएफएल फ्रॉड का मामला 34,000 करोड़ रुपये का है.
संजय छाबड़िया रेडियस डेवलपर्स के प्रमुख हैं जबकि अविनाश भोसले एबीआईएल इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रमुख हैं. इन दोनों बिल्डरों की गिरफ्तारी यस बैंक-दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड केस में की पहले ही हो चुकी है. देश के सबसे बड़े बैंकिंग फ्रॉड के इस केस में 34,000 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप लगा है. इस फ्रॉड केस में 17 बैंकों के कंसोर्सियम का पैसा डूब गया है जिस कंसोर्सियम को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की अध्यक्षता में बनाया गया था.
इतनी प्रॉपर्टी जब्त
इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पहले से ही अपनी जांच कर रहा है. पिछले हफ्ते सीबीआई ने एक कार्रवाई में पुणे में अविनाश भोसले की एक प्रॉपर्टी पर अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर पाया था जिसके बाद उसे जब्त कर लिया गया था. बुधवार को मुंबई के सांताक्रूज में 116.5 करोड़ रुपये की एक लैंड पार्सल, छाबड़िया की कंपनी के 25% इक्विटी शेयर वाले बेंगलुरु में स्थित 115 करोड़ के एक लैंड पार्सल, सांताक्रूज में 3 करोड़ रुपये के एक और फ्लैट, छाबड़िया से संबंधित दिल्ली हवाई अड्डे पर एक होटल जिसकी कीमत 13.67 करोड़ रुपये है और संजय छाबड़िया की 3.10 करोड़ रुपये की तीन हाई-एंड लग्जरी कारें जब्त की गईं.
इसके अलावा अविनाश भोसले की प्रॉपर्टी भी जब्त की गई है. मुंबई में 102.8 करोड़ का एक डुप्लेक्स फ्लैट, पुणे में 14.65 करोड़ की एक लैंड पार्सल, पुणे में ही 29.24 करोड़ की एक और लैंड पार्सल, नागपुर में 15.52 करोड़ का प्लॉट और नागपुर में ही 1.45 करोड़ का प्लॉट ईडी ने जब्त किया है.
क्या है पूरा मामला
ये सभी कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (पीएमएलए) में की गई है. इसी कानून के तहत दोनों प्रॉपर्टी बिल्डरों की संपत्ति जब्त की गई है. यस बैंक-डीएचएफएल फ्रॉड केस में यस बैंक के सह संस्थापक राणा कपूर और डीएचएफएल (DHFL CASE) के प्रमोटर कपिल वधावन और धीरज वधावन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी जिसके बाद इन सभी आरोपियों पर कार्रवाई जारी है. एफआईआर 1988 में दर्ज की गई थी.
एफआईआर में कहा गया है कि राणा कपूर ने कपिल वधावन और अन्य आरोपियों के साथ मिलीभगत कर यस बैंक के जरिये डीएचएफएल को वित्तीय मदद दिलाई. इसके बदले में राणा कपूर को पैसे मिले. राणा कपूर और उनके परिवार की कंपनियों को इस फ्रॉड केस का पैसा मिला. इसी मामले में पिछले हफ्ते एक तलाशी अभियान के दौरान सीबीआई ने कई करोड़ रुपये की पेंटिंग्स और घड़ियां जब्त की थीं.
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