Jammu Kashmir: श्रीनगर नियंत्रण रेखा (LoC) पर बुधवार को तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाते हुए मोर्टार और तोप के गोलों की भारी बौछार कर दी। इस बर्बर हमले में एक महिला और दो बच्चों समेत सात निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, जबकि 38 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह कायराना हमला हाल ही में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर की गई सफल कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सामने आया है, जिससे पाकिस्तान बुरी तरह बौखला गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को LoC के किनारे बसे गांवों को निशाना बनाया। अचानक हुए इस हमले से सीमावर्ती क्षेत्रों में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। सबसे अधिक नुकसान पुंछ जिले में हुआ है, जहां सात लोगों की मौत और 25 के घायल होने की खबर है। इसके अलावा, बारामुल्ला जिले के उरी सेक्टर में भी दस लोगों के घायल होने की सूचना मिली है, जबकि राजौरी जिले में तीन अन्य नागरिक पाकिस्तानी गोलाबारी में जख्मी हुए हैं।
भारतीय सेना ने इस संघर्ष विराम उल्लंघन का तुरंत और प्रभावी ढंग से जवाब देना शुरू कर दिया है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, भारतीय जवान पाकिस्तानी चौकियों को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं और सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तत्काल जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात की। गृह मंत्री ने LoC पर नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के हर संभव उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तत्काल बंकरों में शिफ्ट करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से बढ़ते तनाव को देखते हुए सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य अर्धसैनिक बलों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
गौरतलब है कि 7 मई की सुबह भारतीय सुरक्षा बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। इस संयुक्त सैन्य अभियान में सेना, नौसेना और वायुसेना ने समन्वय के साथ कार्रवाई करते हुए PoK स्थित नौ बड़े आतंकी अड्डों को ध्वस्त कर दिया था। इन ठिकानों में बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का मुख्यालय और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का अड्डा भी शामिल था। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया गया था, जिसमें कई निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों या रिहायशी इलाकों को निशाना नहीं बनाया गया था, बल्कि केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट किया गया था।
उमर अब्दुल्ला ने भी मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और सहायता पहुंचाने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
पाकिस्तानी सेना की यह कायराना हरकत अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय मूल्यों का घोर उल्लंघन है। भारत सरकार और भारतीय सेना इस चुनौती का दृढ़ता से सामना कर रही है और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। इस मुश्किल घड़ी में पूरा देश जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों के साथ खड़ा है।
(Jammu Kashmir) (Jammu Kashmir)
इ-पेपर : Divya Sandesh
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