बुलडोजर का इंतजार, लखनऊ में अवैध अपार्टमेंट निशाने पर।
Lucknow News: लखनऊ, विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर के 83 अवैध अपार्टमेंट को गिराने का आदेश जारी किया है। इन अपार्टमेंट में लगभग 2000 परिवार रहते हैं, जो अब बेघर होने की कगार पर हैं। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर की जा रही है, क्योंकि इन इमारतों का निर्माण नियमों का घोर उल्लंघन करके किया गया था।
हाईकोर्ट की सख्ती, LDA की कार्रवाई:
वर्ष 2012 में अवैध निर्माण के खिलाफ एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई थी, जिसमें 83 इमारतों को अवैध बताया गया था। उस समय एलडीए ने इन अपार्टमेंट के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की थी, लेकिन ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया अधर में रह गई। बिल्डरों ने इन फ्लैटों को बेचकर लोगों को फंसा दिया। अब हाईकोर्ट ने इस पीआईएल पर रिपोर्ट तलब की है, जिसके बाद एलडीए हरकत में आया है और इमारतों को गिराने की तैयारी शुरू कर दी है। सबसे पहले क्ले स्क्वायर का सावित्री और ईमार अपार्टमेंट गिराया जाएगा।
26 इंजीनियरों की मिलीभगत उजागर:
जांच में यह भी सामने आया है कि एलडीए के 26 इंजीनियरों ने बिल्डरों के साथ मिलीभगत करके इन अवैध निर्माणों को अंजाम दिया था। इन इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। हालांकि, इसमें तत्कालीन सहायक अभियंता भूपेन्द्रवीर सिंह का नाम गलत भेजा गया था, क्योंकि वह उस समय तैनात ही नहीं थे।
लोगों को बिल्डिंग खाली करने का नोटिस:
एलडीए ने लोगों को बिल्डिंग खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है। उन्हें 14 दिनों के भीतर अपने फ्लैट खाली करने के लिए कहा गया है। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो एलडीए खुद उनका सामान निकालकर इमारतों को ध्वस्त कराएगा। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि इन बिल्डिंगों के खिलाफ पहले से ध्वस्तीकरण का आदेश पारित है, इसलिए इन्हें गिराने में कोई अड़चन नहीं है।
2000 परिवारों पर संकट:
इन 83 अपार्टमेंट में लगभग 2000 फ्लैट बने हुए हैं, जिनमें हजारों लोग रहते हैं। अब इन सभी को बेघर होना पड़ेगा। कई लोगों ने अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर इन फ्लैटों को खरीदा था, लेकिन अब उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। इस कार्रवाई से लोगों में आक्रोश है, लेकिन एलडीए हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इन इलाकों के अपार्टमेंट निशाने पर:
एलडीए ने गिराने के लिए सभी 83 अवैध अपार्टमेंट चिह्नित कर लिए हैं। इनमें नजमी राजा बाजार, रस्तोगी टोला चौक, नक्खास, बाल्दा रोड, सहादतगंज, शीश महल, नेपियर रोड, अब्दुल अजीज रोड, वजीरगंज, बाजार खाला, हुसैनाबाद, तुलसीदास मार्ग, हैदरगंज, न्यू हैदराबाद, गोमती नगर, अलीगंज, निराला नगर, महानगर, अयोध्या रोड, चिनहट, खुर्रम नगर, गोखले विहार मार्ग, बीएन रोड, बटलर रोड, मोती नगर, वजीरगंज जैसे इलाके शामिल हैं।
क्या होगा इन परिवारों का भविष्य?
इन 2000 परिवारों का भविष्य अधर में है। उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है और उन्हें अपने सामान को भी सुरक्षित रखने की चिंता है। सरकार को इन परिवारों के पुनर्वास के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि उन्हें बेघर होने की पीड़ा से बचाया जा सके। इस मामले में आगे क्या होता है, यह देखना होगा।
Lucknow News
इ-पेपर : Divya Sandesh
Share Market: नई दिल्ली: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में मिला-जुला और…
FIFA World Cup 2026 winner: Spain has officially captured the 2026 FIFA World Cup, defeating…
LUCKNOW: Within just ten days of its official launch, the Mukhyamantri Shikshak Suraksha Cashless Chikitsa…
CM Yogi Chief Minister meets family of Dalit student Lalita Gautam, expresses deep grief over…
Giants vs. Mariners: SEATTLE, WA — The San Francisco Giants are currently commanding the field…
Sonam Wangchuk Hunger Strike : लद्दाख के प्रख्यात पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk)…