Jhansi News
Jhansi News : झांसी। वृद्धावस्था जहां एक ओर अधिकतर लोगों के लिए एकांत और एकाकी जीवन की अवस्था बन जाती है तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनके लिए बढ़ती उम्र बस एक आंकडा भर होती है और जीवन की बाकी अवस्थाओं की तरह वह वृद्धावस्था में भी अपनी अपनी ऊर्जा को बढ़ाने और दूसरों की मदद के लिए आगे हाथ बढ़ाते हैं। ऐसा ही व्यक्तित्व हैं झांसी के 61 साल के रघुवीर शरण रावत।
रघुवीर शरण यादव लंबे समय से लड़कियों को आत्मरक्षा के गुरू सिखा रहे हैं और यह परिपाटी आज भी बादस्तूर जारी है हालांकि आज उनकी उम्र 60 पार हो चुकी है लेकिन मैदान पर वह बिजली की तेजी के साथ लड़कियों को तलवारबाजी के गुर सिखाते अकसर नज़र आते हैं इतना ही नहीं लाठी चलाने और मार्शल आर्ट्स के हुनर में भी लड़कियों को पारंगत करते दिखायी देते हैं। मैदान पर पूरे जोश से अपने काम में लगे रघुवीर रावत को देखकर बरबस ही मुंह से निकल जाता है “ साठ साल के बूढ़े या साठ साल के जवान ”।
वह यहां के प्रसिद्ध लक्ष्मीबाई व्यायायामशाला में कई वर्षों से कैंप लगा रहे हैं जिसमें व्यायाम के साथ साथ बच्चियों को पूरा प्रशिक्षण दिया जाता है। अपनी उम्र और अपने काम को लेकर श्री यादव का मानना है कि आज के आधुनिक और तकनीक के युग में हमारी देसी खेल अपनी लोकप्रियता खोते जा रहे हैं। मैं इन विधाओं का जानकार हूं और चाहता हूं कि बच्चे इन विधाओं को सीखें ताकि मेरे जैसे लोगों के जाने के बाद शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में बेहद सहायक यह विधाएं समाप्त न हो जाएं। बच्चों को अपनी विरासत को सौंपना बेहद जरूरी है।
यहाँ पढ़े : झांसी में इनामी गौ तस्कर हुआ गिरफतार
आज के माहौल में जिस तरह से महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराधों का प्रतिशत बढ़ा है तो ऐसे में हर लड़की के लिए जरूरी है कि वह आत्मरक्षा के लिए कोई न कोई हुनर ज़रूर सीखे। किसी भी एक हुनर को सीखने से न केवल लड़कियों में जबरदस्त आत्मविश्वास आता है बल्कि उनके किसी भी क्षेत्र में और किसी भी समय पर काम करने को लेकर अकसर आने वाली परेशानियों को वह खुद ही निपटाने में सक्षम हो जाती हैं।
श्री यादव ने कहा कि अगर आपकाे हमेशा ऊर्जावान बने रहना है तो बच्चों के साथ रहिए। मैं अपने बाकी साथियों की तरह उम्र के इस पड़ाव पर घर में बैठकर एकाकी रूप से दिन रात बीमारियों से परेशान नहीं रहना चाहता हूं इसीलिए यहां आकर बच्चों को सिखाता हूं साथ ही इनसे भी बहुत कुछ सीखता हूं।
श्री यादव से प्रशिक्षण लेने वाली बच्चियों ने बताया कि ट्रेनर के रूप में रघुवीर सर को देखकर उन्हें बेहद खुशी और गर्व का अनुभव होता है। उनके दादा जी की उम्र के रघुवीर सर को इस उम्र में इतनी ऊर्जा के साथ काम करते देख उनका जोश भी सांतवें आसमान पर रहता है। सभी का कहना है कि रघुवीर सर हमारे दादा जी के जैसे हैं और उनसे सीखने में बड़ा मजा आता है साथ ही गजब का आत्मविश्वास भी रहता है। सभी ने अपने रघुवीर सर का धन्यवाद दिया।
Jhansi News
यहाँ पढ़े : क़र्ज़ में दबे युवक ने पहले दोनों बच्चो को दिया ज़हर फिर खुद भी लगा ली फ़ासी
Share Market: नई दिल्ली: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में मिला-जुला और…
FIFA World Cup 2026 winner: Spain has officially captured the 2026 FIFA World Cup, defeating…
LUCKNOW: Within just ten days of its official launch, the Mukhyamantri Shikshak Suraksha Cashless Chikitsa…
CM Yogi Chief Minister meets family of Dalit student Lalita Gautam, expresses deep grief over…
Giants vs. Mariners: SEATTLE, WA — The San Francisco Giants are currently commanding the field…
Sonam Wangchuk Hunger Strike : लद्दाख के प्रख्यात पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk)…