कक्षा में कम बच्चे! जानें लखनऊ में कैसे RTE और NEP का टकराव सरकारी स्कूलों को कर रहा है प्रभावित।
NEP: लखनऊ में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ी चुनौती सामने आई है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के नियमों में विरोधाभास के कारण सरकारी स्कूलों में छात्रों का नामांकन घट रहा है।
कैसे हो रहा है ये नुकसान?
इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है?
इन कारणों से अभिभावक बच्चों को प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए निजी स्कूलों में भेजना ज्यादा बेहतर समझ रहे हैं। नतीजा, सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या कम हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी में इस साल ही सरकारी प्राथमिक स्कूलों में 25 लाख छात्र कम हो गए हैं।
क्या है समाधान?
अंतिम नतीजा
शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जरूरी है कि सरकारी और निजी स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया एक समान हो और सभी बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे। इसको ध्यान में रखते हुए शिक्षा नीतियों में बदलाव किए जाने चाहिए।
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इ-पेपर : Divya Sandesh
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