Wednesday, January 12, 2022
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    Homeखेलबोलैंड की आंधी में उड़ा इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया का एशेज पर कब्ज़ा

    बोलैंड की आंधी में उड़ा इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया का एशेज पर कब्ज़ा

    मेलबोर्न तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड (चार ओवर, 7 रन पर छह विकेट) ने पदार्पण मैच की दूसरी पारी में छह विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को इंग्लैंड पर तीसरे टेस्ट में पारी और 14 रन से बड़ी जीत दिला दी।ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज़ में 3-0 से अपराजेय बढ़त लेकर एशेज पर भी क़ब्ज़ा कर लिया है। इंग्लैंड की दूसरी पारी मंगलवार को एक घंटे में 27.4 ओवर में मात्र 68 रन पर सिमट गयी और उसे शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने पहली पारी में 185 रन बनाये थे जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 267 रन बनाकर 82 रन की बढ़त हासिल की थी।

    ऑस्ट्रेलिया के तेज़ गेंदबाज़ों ने तीसरे दिन भी इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को बांधे रखा। बोलैंड ख़ास तौर पर आक्रामक रहे। उन्होंने सिर्फ़ 21 गेंदों में ही अपने छह विकेट निकाले। वह दो विकेट दूसरे दिन ही ले चुके थे, तीसरे दिन भी उन्होंने चार महत्वपूर्ण विकेट झटके। वहीं दूसरे दिन दो विकेट लेने वाले मिचेल स्टार्क ने मंगलवार सुबह बेन स्टोक्स का अहम विकेट लिया। पहली पारी में तीन विकेट लेकर इंग्लैंड को समेटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस को इस पारी में एक भी विकेट नहीं मिला।

    यह मैच पूरी तरह से बोलैंड के नाम रहा, जिन्हें घरेलू क्रिकेट में विक्टोरिया के लिए मेलबॉर्न क्रिकेट ग्राउंड पर बेहतरीन प्रदर्शन करने का ईनाम मिला था। पहली पारी में एक विकेट लेने वाले बोलैंड दूसरी पारी में अविश्वसनीय दिखे। उन्हें खेलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन दिख रहा था। ऑस्ट्रेलिया के लिए सिर्फ़ चौथे मूल निवासी टेस्ट क्रिकेटर बनने वाले बोलैंड को प्लेयर ऑफ़ द मैच के तौर पर जॉनी मुलाघ मेडल मिला, जो 1868 में इंग्लैंड का दौरा करने वाले ऑस्ट्रेलियाई मूल निवासी टीम के सदस्य के नाम पर रखा गया है।

    इस मैच पर कोरोना का भी साया था क्योंकि सोमवार को हुई नियमित जांच में इंग्लैंड दल के चार सदस्य कोरोना पॉज़िटिव पाए गए थे। इसलिए मंगलवार को सभी खिलाड़ियों का आरटीपीसीआर टेस्ट निगेटिव आने पर ही यह मैच शुरू हुआ। जो रूट और स्टोक्स भले ही क्रीज़ पर थे, लेकिन इंग्लैंड की हार सुनिश्चित दिख रही थी। बस यह देखना था कि वह कितनी देर तक संघर्ष कर अपनी हार को टाल सकती है। ग्लिश टीम दूसरी पारी में सिर्फ़ 68 रन पर ही ऑल आउट हो गई जो कि 1904 के बाद इंग्लैंड का ऑस्ट्रेलिया में न्यूनतम स्कोर है।

    यह 1936 के बाद से ऑस्ट्रेलिया में सबसे कम एशेज स्कोर भी है। तीसरे दिन की शुरुआत स्टार्क ने स्टोक्स का मिडिल स्टंप बिखेर कर की। वह स्टार्क की तेज़ फ़ुल गेंद को सीधे बल्ले से डिफ़ेंड करना चाहते थे, लेकिन गेंद बल्ले और पैड के बीच से निकलकर स्टंप पर जा लगी। इसके बाद बोलैंड को आक्रमण पर लाया गया। उन्होंने दिन की अपनी पांचवीं ही गेंद पर जॉनी बेयरस्टो को पगबाधा आउट कर दिया।

    इससे पहले, ओवर की पहली ही गेंद पर उन्हें कैमरन ग्रीन के हाथों गली में जीवनदान भी मिला था। रूट इस पारी में 28 रन बनाकर फिर से इंग्लैंड के लिए शीर्ष स्कोरर रहे, लेकिन बोलैंड की एक गेंद को ड्राइव करने के चक्कर में वह डेविड वॉर्नर को स्लिप में कैच दे बैठे। रूट ने इस साल 1708 रन बनाए और वह एक कैलेंडर वर्ष में सबसे अधिक रन बनाने वालों की सूची में सर विवियन रिचर्ड्स से सिर्फ़ दो रन और मोहम्मद युसूफ़ से 80 रन पीछे रह गए।

    मार्क वुड और ऑली रॉबिंसन तीन गेंद के अंतर में शून्य बनाकर पवेलियन लौटे। इस साल इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों के नाम 54 डक (शून्य) का रिकॉर्ड रहा। उन्होंने 1998 के अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी की। अंत में ग्रीन ने जेम्स एंडरसन को दो रन के निजी स्कोर पर बोल्ड कर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिला दी। अब इंग्लैंड पर 5-0 के क्लीन स्वीप का ख़तरा मंडरा रहा है।

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