MSME : एमएसएमई नई योजना प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए होगी मदद
MSME : नयी दिल्ली। मोदी सरकार सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने और बाढ़ और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय संकट से उबारने की सहायता प्रदान करने के लिए एक नई योजना शुरू करेगी।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) (MSME) द्वारा तैयार की जा रही इस नई योजना में हरित और पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकी के लिए समर्थन का प्रस्ताव है। मत्रालय ने प्रस्तावित योजना के बारे में उद्योग जगत से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
सुझाव आमंत्रित करते हुए मंत्रालय ने कहा,“योजना एमएसई उद्यमियों को अत्याधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहन प्रदान कर सकती है, लेकिन इसमें सब्सिडी का तत्व नहीं हो सकता है। हरित / पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकी स्थापित करने और बाढ़, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं को दूर करने के लिए एमएसएमई का समर्थन करने की आवश्यकता है।”
प्रस्तावित नयी योजना के कुछ प्रावधान पूर्ववर्ती क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी (सीएलसीएस) योजना के अनुरूप रखने का प्रस्ताव है जिसे पहली अप्रैल, 2020 को बंद कर दिया गया था।
पिछली योजना में सूक्ष्म, खादी, गांव और कयर क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों सहित एमएसई को विशिष्ट उप-क्षेत्रों/उत्पादों में अच्छी तरह से स्थापित और बेहतर प्रौद्योगिकियों को शामिल करने के लिए लिए ऋणों पर 15 प्रतिशत की अग्रिम पूंजी सब्सिडी प्रदान की जाती थी।
प्रस्तावित नई योजना पर एमएसएमई मंत्रालय को उद्योग जगत से कुछ सुझाव मिले हैं उनमें देश के किसी हिस्से में प्राकृतिक आपदा आने की स्थिति में तत्काल कोविड सहायता जैसे पैकेज देने का सुझाव भी शामिल है। और इससे व्यापार में व्यापक व्यवधान उत्पन्न होता है।
सरकार द्वारा गारंटीकृत आपातकालीन ऋण प्रदान करना और नियामक अनुपालन के खिलाफ माफी उद्योग के अन्य प्रमुख सुझाव हैं। सरकार ने पिछले दो वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र का समर्थन करने के लिए कोविड के प्रकोप के बाद से कई उपाय किए हैं।
इस क्षेत्र के लिए एक नई योजना शुरू करते हुए, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा था कि एमएसएमई के प्रयास आत्मानिर्भर भारत के प्रमुख चालक होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा था,‘‘मैं एमएसएमई क्षेत्र को आश्वस्त करता हूं कि सरकार ऐसी नीतियां बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो आपकी आवश्यकताओं को पूरा करती हैं और आपके साथ सक्रिय रूप से चलती हैं।”
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