उत्तर प्रदेशदिव्य सन्देश विशेषब्रेकिंग न्यूजराष्ट्रीयलखनऊ हिंदी न्यूज़हिंदी न्यूज़

UP Bureaucracy: जाने किस-किस उद्योग को कितनी मिली सब्सिडी और योजनाओं का लाभ!

इंवेस्ट यूपी पर सीएम की फटकार का असर

  • UP Bureaucracy
  • उपलब्धि बताने में कतरा रहे हैं सरकार के आला अफसर

राजेन्द्र के. गौतम

लखनऊ। 10 मार्च को सीएम समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के कुछ आला अफसरों के पेंच टाइट करने के बाद एक हफ्ते के अंदर विभिन्न योजनाओं के छोटे और बड़े उद्योगों की लम्बित करोड़ों रुपए की सब्सिडी और लेटर ऑफ कम्फर्ट बांटे। इससे यूपी में स्थपित हुए उद्योगों को बहुत राहत मिली है।

UP Bureaucracy

सीएम की फटकार का असर

आपको बताते चलें कि विभिन्न योजनाओं की सब्सिडी, जीएसटी, कैपिटल रिम्ब्रसमेंट की करोड़ों रुपए फाइल विभिन्न सरकारी विभागों के मकडज़ाल में अटकी थी। यूपी के पूर्व मुख्य सचिव और स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की पहल पर 10 मार्च 2026 को यह बैठक हुई थी।  बीती 25 जनवरी को सीएम समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन के लिए 12 बिन्दुओं पर चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री के समक्ष रखे गए प्रेजेंटेशन के आंकड़ों मुताबिक 12वां बिन्दु सबसे महत्वपूर्ण है। इस बिन्दु में उल्लेख है कि वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 में विभिन्न विभागों ने प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बजट आवंटन खूब किया और खर्च में फिसड्डी रहे। वित्त वर्ष 2024-25 में 5628.64 करोड़ का बजट आवंटन हुआ था। 4331.46 खर्च हुआ, यानी 77 फीसदी कम। इसी तरह चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 7325.19 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। बीती 10 मार्च तक 3812.25 करोड़ रुपए खर्च हुआ, यानी 52 प्रतिशत कम खर्च हुआ। इस पर मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास विभाग के आला अफसरों फटकारते हुए एक हफ्ते के भीतर सब्सिडी और इंसेटिव आदि के मामले का निस्तारण करने के आदेश दिए थे।

 

UP Bureaucracy

UP Bureaucracy: पिकप ने बांटी करोड़ों रुपए की सब्सिडी

पिकप और इंवेस्ट यूपी के सूत्रों का कहना है कि पिकप की 100 से 200 करोड़ रुपए की यूपी में स्थापित इकाईयों 20 प्रतिशत सब्सिडी, जीएसटी और कैपिटल रिम्ब्रसमेंट का प्रावधान था। गोरखपुर की स्टील और सीमेंट क्षेत्र की दिग्गज कम्पनी को गैलेंट इस्पात लिमिटेड को पिकप ने 236.69 करोड़ रुपएऔर स्टील एंड गैलेंट लिमिटेड को 4.70 करोड़ रुपए की सब्सिडी के कम्पनी के चंद्र प्रकाश अग्रवाल को चेक प्रदान किए गए। गोरखपुर के ही आयरन एवं स्टील कम्पनी अंकुर उद्योग लिमिटेड के अशोक कुमार जालान को पिकप ने 54.94 करोड़ रुपए के सब्सिडी के चेक प्रदान किए गए। अलीगढ़ में स्थापित जेके सीमेंट के डा. राघवपत को 75.6 करोड़ रुपए के चेक पिकप ने प्रदान किए।

UP Bureaucracy

हरदोई एवं ग्रेटर नोयडा में स्थापित वरूण बेवरेजज लिमिटेड के ईडी कमलेश कुमार जैन को पिकप ने 207 करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया गया। मेरठ की पासवाड़ा पेपर लिमिटेड के एमडी अरविन्द्र अग्रवाल को पिकप ने 12.35 करोड़ रुपए के चेक प्रदान किए। कानपुर देहात की स्पर्श प्राइवेट लिमिटेड के एमडी विजय कुमार अग्रवाल को पिकप ने 15.29 करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया गया। बाराबंकी और मथुरा में स्थापित एसएलएमजी बेवरेजज प्राइवेट लिमिटेड और वृदांवन एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के सीएफओ राजेश सबलोक को पिकप ने क्रमश: 164.72 करोड़ रुपए और 48.79 करोड़ रुपए के चेक प्रदान किए गए। अलीगढ़ की वंडर सीमेंट के वाइस प्रेसीडेंट प्रशांत शर्मा को 110.96 करोड़ रुपए के चेक पिकप ने प्रदान किए। अमेठी में स्थापित कनोडिया सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसीडेंट अभिषेक सक्सेना को पिकप ने 35.32 करोड़ रुपए के चेक प्रदान किए। हमीरपुर में स्थापित यूनीलीवर इंडिया कम्पनी के निदेशक अभिषेक जैन को पिकप ने 2.53 करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया गया। पिकप ने कुल 857.93 करोड़ रुपए की सब्सिडी बांटी। (UP Bureaucracy) 

 

UP Bureaucracy: इंवेस्ट यूपी ने बांटे लेटर ऑफ कम्फर्ट

इंवेस्ट यूपी के सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2022 और  उत्तर प्रदेश बायोप्लोस्टिक उद्योग नीति 2024 के तहत विभिन्न कम्पनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट बांटे गए। लखीमपुर खीरी में स्थापित बलरामपुर चीनी लिमिटेड को उत्तर प्रदेश बायोप्लोस्टिक उद्योग नीति 2024 के तहत 2850 करोड़ रुपए का लेटर ऑफ कम्फर्ट दिया गया है। गौतमबुद्घ नगर में स्थापित ड्रीम टेक इलेक्ट्रिानिक्स इंडिया प्राईवेट लिमिटेड को उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत  414.89 करोड़ रुपए का लेटर ऑफ कम्फर्ट को प्रदान किया गया है। अलीगढ़ में स्थापित अल्ट्राटेक सीमेंट को 1344.92 करोड़ रुपए का लेटर ऑफ कम्फर्ट दिया गया है। गौतमबुद्घ नगर और हरदोई में स्थापित हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड को उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत 1011.25 करोड़ रुपए का लेटर ऑफ कम्पर्ट दिया गया है। लगभग कुल 5621 करोड़ रुपए के लेटर ऑफ कम्फर्ट बांटे गए हैं।

इंवेस्ट यूपी के सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश एफडीआई और एफसीआई, फाच्र्यून ग्लोबल 500 व फाच्र्यून इंडिया 500 कम्पनियों के लिए निवेश प्रोत्साहन नीति 2023 पात्रता प्रमाण पत्र बांटे गए। एफडीआई नीति 2023 के तहत एस्कार्ट्स कुबोटा लिमिटेड को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 2029 करोड़ रुपए का पात्रता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। सीएनएच इंडस्ट्रियल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 1219 करोड़ रुपए की पात्रता प्रमाण पत्र दिया गया। सन आर्गेनिक्स को 240 करोड़ रुपए के पात्रता प्रमाण पत्र दिए गए। मिंडा कारपोरेशन लिमिटेड को 1166.6 करोड़ रुपए के पात्रता प्रमाण पत्र दिया गया। हैवेल्स इंडिया लिमिटेड को 809 करोड़ रुपए के पात्रता प्रमाण पत्र स्वीकृत किए गए। इंटरनेशनल टे्रक्टर्स लिमिटेड को 708.83 करोड़ रुपए की पात्रता प्रमाण पत्र स्वीकृत किए गए हैं। फिजिक्स वाला को 885 करोड़ रुपए की पात्रता प्रमाण पत्र दिए गए हैं। गुडलक एस्ट्रा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड झांसी में बनने वाले डिफेंस कॉरीडोर में 1019 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्ताव दिया था। जिसके तहत कम्पनी को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिानिक्स विनिर्माण नीति 2020 के तहत  ग्रेटर नोएडा में हायर अप्लाइंसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को  584.92 करोड़ रुपए का लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किया गया है। नोएडा में स्थापित पैजेट इलेक्ट्रिानिक्स प्राइवेट लिमिटेड को उत्तर प्रदेश मैन्यूफेक्चरिंग नीति 2020 के तहत  44.65 करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया गया है। जालौन में स्थापित शीतगिरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 के तहत 9.93 करोड़ का एलओसी प्रदान किया गया। बिजनौर के धामपुर में स्थापित वीवीआर नेचुरल प्राइवेट लिमिटेड को 12.34 करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया गया। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार और अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार और इंवेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरन आनंद से कई बार सम्पर्क किए जाने पर प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।

UP Bureaucracy

यह भी पढ़ें: UP Bureaucracy: एमओयू के मायाजाल में उलझा इंवेस्ट यूपी!

इ-पेपर: Divya Sandesh

Related Articles

Back to top button