Sunday, December 4, 2022
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    Vat savitri vrat 2022 : माहिलाओ ने वट सावित्री व्रत रहकर वट वृक्ष की पूजा

    Vat savitri vrat 2022 : मोहनलालगंज। लखनऊ ज्येष्ठ अमावस्या के दिन सोमवार को वट सावित्री व्रत परंपरागत रूप से आस्था व श्रद्धा के साथ मनाया गया। महिलाओं ने व्रत रहकर वट वृक्ष की पूजा की। पति की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना की। वट वृक्षों के नीचे सुबह से लेकर दोपहर तक पूजन-अर्चन चलता रहा।

    मंगलगीत गूंजते रहे।सुबह से ही सुहागिन महिला शुभ मुहूर्त में पूजा अर्चना करने के लिए सज-धजकर हाथों में फलों की डाली, पकवान और बांस के बने पंखे के साथ बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर पूजा-अर्चना की। कस्बे के विभिन्न स्थलों व ग्रामीण क्षेत्रों में बरगद के पेड़ के नीचे दिनभर सुहागिन महिलाओं ने पेड़ में धागा बांध 108 बार परिक्रमा कर अखंड सुहाग की कामना की धार्मिक मान्यता है

    कि इस दिन सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लौटाने के लिए यमराज को भी विवश कर दिया था। इस व्रत के दिन सत्यवान-सावित्री कथा को भी पढ़ा या सुना जाता है। शास्त्रों के अनुसार वट वृक्ष के नीचे ही सावित्री ने यमराज से अपने पति को वापस जीवित करने का वरदान मांगा था।

    वट वृक्ष की जड़ों में भगवान ब्रह्मा, तने में विष्णु और पत्तों में शिव का वास होने की वजह से तीनों देवों के प्रतीक स्वरूप वट वृक्ष की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म के अनुसार वट सावित्री व्रत महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। जो पत्नी इस व्रत को सच्ची श्रद्धा के साथ करती है उसे न केवल पुण्य की प्राप्ति होती है बल्कि उसके पति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

    Vat savitri vrat 2022


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    ई-पेपर:http://www.divyasandesh.com

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