Cancer: कैंसर के मरीज क्यों बढ़ रहे हैं? जानिए कारण, लक्षण और बचाव के तरीके!

Cancer: पिछले कुछ वर्षों में भारत सहित दुनिया भर में कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। पहले जहां कैंसर को मुख्य रूप से अधिक उम्र की बीमारी माना जाता था, वहीं अब 30 से 50 वर्ष की आयु के लोगों और कई मामलों में युवाओं में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे केवल एक कारण नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली, पर्यावरण, खान-पान, संक्रमण, तंबाकू और बेहतर जांच सुविधाओं सहित कई कारक जिम्मेदार हैं।
Cancer: भारत में क्यों बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर के बढ़ते मामलों के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण हैं:
1. तंबाकू और धूम्रपान
भारत में मुंह, गले और फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू है। सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी और पान मसाला कैंसर का जोखिम कई गुना बढ़ा देते हैं।
2. अस्वास्थ्यकर खान-पान
- अधिक प्रोसेस्ड फूड
- जंक फूड
- ज्यादा चीनी और नमक
- लाल और प्रोसेस्ड मांस का अत्यधिक सेवन
- फलों और हरी सब्जियों की कमी
ऐसी आदतें शरीर में सूजन और मोटापे को बढ़ा सकती हैं, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
3. Cancer: मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता
कम शारीरिक गतिविधि और बढ़ता मोटापा स्तन, बड़ी आंत, गर्भाशय और अन्य कई प्रकार के कैंसर से जुड़ा पाया गया है।
4. वायु प्रदूषण
बढ़ते वायु प्रदूषण को फेफड़ों के कैंसर सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़ा गया है। लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहना जोखिम बढ़ा सकता है।
5. शराब का सेवन
अत्यधिक शराब पीने से मुंह, गले, भोजन नली, यकृत और स्तन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
6. संक्रमण
कुछ वायरस और बैक्टीरिया भी कैंसर का कारण बन सकते हैं।
- HPV संक्रमण – सर्वाइकल कैंसर
- हेपेटाइटिस B और C – लिवर कैंसर
- हेलिकोबैक्टर पाइलोरी – पेट का कैंसर
7. आनुवंशिक कारण
कुछ लोगों में कैंसर का जोखिम परिवार से मिले जीन के कारण अधिक हो सकता है। हालांकि अधिकांश कैंसर केवल आनुवंशिक कारणों से नहीं होते हैं।
8. बढ़ती उम्र
उम्र बढ़ने के साथ कोशिकाओं में बदलाव की संभावना बढ़ती है, जिससे कैंसर का जोखिम भी बढ़ जाता है।
9. बेहतर जांच और जागरूकता
विशेषज्ञों का कहना है कि पहले कई मामलों का पता ही नहीं चल पाता था। अब स्क्रीनिंग, आधुनिक जांच और जागरूकता बढ़ने से अधिक मरीजों की पहचान हो रही है।
कैंसर के शुरुआती लक्षण
यदि निम्न में से कोई लक्षण लंबे समय तक बना रहे हैं तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
- बिना कारण वजन कम होना
- लगातार थकान
- शरीर में गांठ महसूस होना
- लंबे समय तक खांसी
- मल या मूत्र में खून
- निगलने में कठिनाई
- त्वचा पर असामान्य बदलाव
- लंबे समय तक घाव का न भरना
- लगातार दर्द या आवाज में बदलाव
इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन समय पर जांच कराना जरूरी है।
क्या कैंसर से बचा जा सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि कई प्रकार के कैंसर के जोखिम को स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कम किया जा सकता है।
बचाव के उपाय
- तंबाकू और धूम्रपान पूरी तरह छोड़ें।
- शराब का सेवन सीमित रखें या न करें।
- रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
- संतुलित आहार लें।
- वजन नियंत्रित रखें।
- पर्याप्त नींद लें।
- HPV और हेपेटाइटिस-B का टीकाकरण करवाएं, यदि उपयुक्त हो।
- नियमित स्वास्थ्य जांच और उम्र तथा जोखिम के अनुसार कैंसर स्क्रीनिंग कराएं।
- धूप में अधिक समय रहने पर त्वचा की सुरक्षा करें।
क्या युवाओं में भी बढ़ रहा है कैंसर?
हाल के वर्षों में कुछ प्रकार के कैंसर, जैसे बड़ी आंत और स्तन कैंसर, अपेक्षाकृत कम उम्र के लोगों में भी अधिक दिखाई दे रहे हैं। इसके पीछे जीवनशैली, मोटापा, आहार, पर्यावरणीय जोखिम और अन्य कारणों पर लगातार शोध चल रहा है। सभी मामलों का एक ही कारण नहीं होता।
डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?
विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर का जल्द पता चलने पर उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
कैंसर के बढ़ते मामले चिंता का विषय हैं, लेकिन यह भी सच है कि हर कैंसर को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। फिर भी तंबाकू से दूरी, स्वस्थ भोजन, नियमित व्यायाम, प्रदूषण से बचाव, टीकाकरण और समय पर जांच जैसी आदतें कई प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। जागरूकता और शुरुआती पहचान ही इस बीमारी से लड़ने का सबसे प्रभावी हथियार हैं।
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