Sonam Wangchuk Hunger Strike Today: भूख हड़ताल 19वें दिन में, बिगड़ती सेहत पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त!

Sonam Wangchuk Hunger Strike : लद्दाख के प्रख्यात पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) का अनिश्चितकालीन अनशन अब 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है। जंतर-मंतर पर चल रहे उनके इस प्रदर्शन के दौरान तेजी से गिरती सेहत ने देशभर में चिंता बढ़ा दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है।
आइए जानते हैं सोनम वांगचुक के आंदोलन से जुड़ी आज की सबसे बड़ी और ताज़ा अपडेट्स।
Sonam Wangchuk: दिल्ली हाई कोर्ट का केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस
सोनम वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिस पर कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है।
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याचिका की मुख्य मांग: इस याचिका में मांग की गई है कि वांगचुक की जान बचाने के लिए, यदि आवश्यक हो तो उन्हें जबरन भोजन (Force-feeding) कराया जाए।
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डॉक्टरों की चेतावनी: वांगचुक ने 18 दिनों से अधिक समय से अन्न का एक दाना भी नहीं खाया है और डॉक्टरों का कहना है कि अब उनके लिए हर गुजरता घंटा सेहत पर भारी पड़ सकता है।
जंतर-मंतर पहुंचे अरविंद केजरीवाल, की बड़ी मांग
वांगचुक के इस आंदोलन को राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिल रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक का समर्थन किया।
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शिक्षा मंत्री बनाने की मांग: केजरीवाल ने लगातार हो रहे पेपर लीक और मूल्यांकन प्रणाली की खामियों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और मांग की कि सरकार को सोनम वांगचुक को देश का ‘शिक्षा मंत्री’ बनाना चाहिए।
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गांधी जी से तुलना: आप नेता सौरभ भारद्वाज ने भी इस मौके पर कहा कि सोनम वांगचुक में उन्हें महात्मा गांधी की झलक दिखाई देती है।
क्यों हो रहा है यह अनशन? (Why is Sonam Wangchuk on Hunger Strike?)
वांगचुक इस बार देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों पर जवाबदेही और युवाओं के भविष्य को लेकर भूख हड़ताल पर हैं।
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CJP प्रोटेस्ट का समर्थन: यह अनशन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन से भी जुड़ गया है, जो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सिस्टम में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं।
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विवाद और अलग-अलग राय: एक तरफ वांगचुक को छात्रों और युवाओं का भारी समर्थन मिल रहा है, वहीं अभिनेत्री श्वेता तिवारी जैसी कुछ हस्तियों ने सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि CJP वांगचुक की आड़ में अपना खुद का एजेंडा साध रही है।
आगे क्या?
सोनम वांगचुक का यह अनशन अब सिर्फ एक भूख हड़ताल नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था, राजनीति और विपक्ष के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है। अब सबकी निगाहें हाई कोर्ट की अगली सुनवाई और केंद्र सरकार के रुख पर टिकी हैं।
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